Monday, October 28, 2013

भारत के 4 सबसे बड़े आतंकवादी संगठन

4 Biggest terrorist Organisations of India

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1) Indian Mujahideen (IM)
http://en.wikipedia.org/wiki/Indian_Mujahideen

2) All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM)
http://en.wikipedia.org/wiki/All_India_Majlis-e-Ittehadul_Muslimeen<http://www.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fen.wikipedia.org%2Fwiki%2FAll_India_Majlis-e-Ittehadul_Muslimeen&h=BAQGVJooh&s=1>

3) Students Islamic Movement of India (SIMI)
http://en.wikipedia.org/wiki/Students_Islamic_Movement_of_India<http://www.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fen.wikipedia.org%2Fwiki%2FStudents_Islamic_Movement_of_India&h=1AQHY42ka&s=1>

4) Popular Front of India (PFI)
http://en.wikipedia.org/wiki/Popular_Front_of_India<http://www.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fen.wikipedia.org%2Fwiki%2FPopular_Front_of_India&h=rAQEfq4Kx&s=1>

इनमें से इंडियन मुजाहिदीन और सिमी पर प्रतिबन्ध लग चूका है ! ओवैसी की मजलिस
पर प्रतिबन्ध लगा था लेकिन नीच कांग्रेस सरकार ने वोट बैंक की वजह से उस
प्रतिबन्ध कों हटा दिया है और ओवैसी फ़िर से भारत की संसद में आतंक मचा रहा है
! जब कि पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर अभी तक प्रतिबन्ध नहीं लगा है !

"अल-तकिया " मुल्लों का सबसे बड़ा हथियार !

आज कल आप लोग ने देखा होगा की मुसलमान सेकुलरिज्म की बात करते नज़र आते हैं! जब गुट में होते हैं या मज़बूत स्थिति में तो अलगाववाद, आतंकवाद और मुस्लिम बर्बरता का साक्षात् प्रतिरूप..... परन्तु जैसे ही इनकी स्थिति कमज़ोर पड़ती है या सामने वाला हावी होता दिखाई देता है .... यह वैसे ही सेकुलरिज्म की बात करने लगते हैं!
आप सोचते हैं की यह सुधर गए या शायद अपनी गलती समझ गए परन्तु ऐसा नहीं होता! यह सब ढोंग होता है आप जैसे ही यह सोच कर पीछे हटाते हैं यह वैसे होई अपने रंग दिखाना शुरू कर देते हैं! मौका मिले तो पीठ में छुरा तक घोप दें!
यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है... यह इनके अपवित्र ग्रथ 'कुरान' में लिखा है.... इसे 'अल-तकिया' कहते हैं.... इनके यहाँ लिखा है की जब गैर महाबियो बीच में जाओ तो सेकुलर होने का दिखावा करो !
आपको क्या लगता है की हमारे पूर्वज कायर थे या ये मुल्ले ज़्यादा सबल !
ऐसा कुछ नहीं था गजनवी हमसे १६ बार हार के गया... हर बार हार जाने पर पैर पकडे ! हर बार अपने अल्लाह और कुरान की कसम खायी की हिन्दुस्तान की और आँख उठा के नहीं देखेगा... और हमने तब भी इनका विश्वास कर लिया जैसे की आज भी हम कई बार कर लेते हैं ! पर नतीजा ? धोखा और हर बार धोखा ! यह कौम ही ऐसी कौम नहीं है की जिस पर भरोसा किया जा सके ! जिस किसी ने भी इस शैतानी कौम पर भरोसा किया उसने भोगमान भोगा है !
इस लिए हिन्दुओं आज भी जागो और मुल्लो की बात का आँख बंद कर के भरोसा मत करो चाहे यह कितनी भी कसम क्यूँ ना खाएं!! यह मुल्ले तभी सेकुलरिस्म की बात करते हैं जब इनकी स्थिति कमज़ोर होती है! यह केवल धोखा होता है जो की इनका धर्म गैर मुस्लिमो को देने के लिए कहता है और इस तकनीक को ये मुल्ले 'अल-तकिया' कहते हैं !

शिया- सुन्नी दंगो में झुलस रहे हैं इस्लामी देश !


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मित्रों मुस्लिम बहुल राष्ट्रों में से हिंदू, ईसाई, सिख आदि धर्मो का लगभग सफाया हो चूका और अब इन राष्ट्रों की 99.99% आबादी मुसलमान है ! अब इन राष्ट्रों में शिया मुसलमान और सुन्नी मुसलमान एक दूसरे का नरसंहार करने पर आमादा हैं !

1) पाकिस्तान, येमेन, बहरीन, सौदी अरेबिया, लेबनॉन, इराक जैसे इस्लामी देशो में कहर ।
http://en.shiapost.com/2012/05/07/saudi-backed-wahhabis-behind-massacre-of-shias-in-pakistan/
http://dawn.com/2012/09/23/sunni-shia-clashes-claim-12-lives-in-yemen/

2) सुन्नी आतंकवादी कर रहे हैं मुहर्रम के शिया जुलुस और शिया मस्जिदों में बम धमाके ।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/51481026.cms

3) ट्रक और कार में बम लगाकर करते हैं धमाके ।
http://hindi.cri.cn/681/2013/01/12/1s130770.htm
http://hindi.ruvr.ru/2010/12/04/36223003.html

4) सुन्नी सरकारों ने शिया मस्जिदों को गिराया ।
http://www.mcclatchydc.com/2011/05/08/113839/while-bahrain-demolishes-mosques.html
http://media.mcclatchydc.com/smedia/2011/05/06/17/20110506_BAHRAIN_mosques-688.large.prod_affiliate.91.jpg

5) भारत के कश्मीर, उत्तर प्रदेश में भी दंगे फैले ।
http://kashmirobserver.net/news/features/shias-kashmir-socio-political-dilemmas
http://www.ndtv.com/article/cities/26-injured-in-muharram-clashes-in-uttar-pradesh-296853

6) अल्लाह के नाम पर लाखो शिया मारे गये ।
http://www.aljazeera.com/indepth/opinion/2012/11/201211269131968565.html

7) इस्लामी राष्ट्रों का विभाजन कर नए शिया राष्ट्रों कि मांग अब जोर पकड़ रही है ।
http://www.dw.de/जातीय-ज्वालामुखी-पर-पाकिस्तान/a-16513016

सचमुच बड़े खुशनसीब हैं भारत के मुसलमान (भले ही हमारा भारत तबाह हो रहा है इनकी वजह से) जो गैर मुस्लिम देश में रहने कों उन्हें जगह मिली, कही इस्लामी देश में होते तो कब के अल्लाह को प्यारे हो चुके होते !

मुसलमानों के द्वारा की गयी धोखेवाजी के प्रमाण

1-मुहम्मद गौरी ने 17 बार कुरआन की कसम खाई
थी कि भारत पर हमला नहीं करेगा, लेकिन हमला किया.....
2 -अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तोड़ के राणा रतनसिंह
को दोस्ती के बहाने बुलाया फिर क़त्ल कर दिया.....
3 -औरंगजेब ने शिवाजी को दोस्ती के बहाने
आगरा बुलाया फिर धोखे से कैद कर लिया ......
4 -औरंगजेब ने कुरआन की कसम खाकर श्री गोविन्द सिंह
को आनद पुर से सुरक्षित
जाने देने का वादा किया था. फिर हमला किया था.......
5 -अफजल खान ने दोस्ती के बहाने
शिवाजी की ह्त्या का प्रयत्न किया था .....
६-मित्रता की बातें कहकर पाकिस्तान ने कारगिल पर
हमला किया था .....
"अगर हम इतिहास से सबक नहीं लेकर
मुसलमानों की शांति और दोस्ती की बातों मे आते रहे
तो हमेशा नुकसान उठाते रहेंगे....
याद रखिये मुसलमान तकिया और कितमान पर ईमान रखते
है,यानी उनका कोई ईमान नहीं है ..

हाफिज़ मुहम्मद सईद - इसके बारे में जानना बहुत जरुरी है


हाफिज़ मुहम्मद सईद मुंबई धमाकों के बाद भारत के लिए सिरदर्द बनकर उभरा है | इसने लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन की स्थापना की है | इसने भारत में सिमी नाम की आतंकी संगठन की स्थापना में भी मदद की है |
लश्कर-ए-तैयबा पर एक नज़र >> लश्कर-ए-तैयबा का नींव 1990 में अफगानिस्तान के कुनार सूबे रखा गया | यह पाकिस्तानी अहले हदीस के मरकज-उल-दवा-वल इरशाद यानी एमडीआई का फौजी दस्ता कहा गया | एमडीआई के प्रमुख प्रो. हफीज मोहम्मद सईद ही लश्कर-ए-तैयबा के अमीर है | 1993 में जम्मू-कश्मीर में पहली बार इसकी मौजूदगी रही | साथ ही पुंछ में इस्लामी इंकलाबी महाज के साथ गतिविधियां देखी गई |

इस संगठन का सीधे तौर पर मकसद है >> जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करना | पूरे भारत में इस्लामी राज्य कायम करना |

इसके ढांचे पर नज़र >> लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय लाहौर के मुरीदके में एमडीआई परिसर है | एक सूचना के मुताबिक फिलहाल पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में मुख्यालय है | मौलाना अब्दुल वहीद कश्मीरी प्रांत क प्रमुख है | इसके सुप्रीम कमांडर जकी उर रहमान नकवी भी जम्मू कश्मीर में ही है | इसका काम मुख्य तौर से जिला स्तर पर होता है | इस काम में इसके जिला कमांडरों के द्वारा मदद की जाती है | सबूत तो यह भी है कि इस संगठन के अलग-अलग प्रशिक्षण शिविर और शाखाएं पाकिस्तान में ही है | इसमें भर्ती और पैसा जूटाने का काम भी इसी क्षेत्र से होता है |

इसके ऑपरेशन पर एक नज़र >> पहले कश्मीर के घाटी में खासा सक्रीय रहे, फिर जम्मू और धीरे-धीरे देश के अंदर के नकसलवादियों और उग्रवादियों के संपर्क गांठ लिया | अब पूरा देश में मुस्लिम बहुल इलाकों में निवास कर रहे हैं | खास तौर से छोटे-छोटे कस्बों और गांवों में रहना पसंद करते हैं |
अभी तक इसके निशाने पर विशेष तौर पर सुरक्षा बल होते हैं | ये गैर मुस्लिम आबादी का नरसंहार करना खासा पसंद करते हैं | ये सुरक्षा बल के वर्दी में करते हैं फियादीन हमले और खून-खराबा | गिरफ्तरी नहीं मुठभेड़ में मरना है इन्हें पसंद | भारत के अंदर हिज्ब, जैश और सिमी बड़े ऑपरेशन में मददगार होते हैं | इनको इशारा करने वाला और कोई नहीं पाकिस्तान का खुफिया एजेंसी आईएसआई है | इसी के इशारे पर सारा आतंकवादी कार्रवाई भारत के अंदर होते रहा है | यह सिलसिला आजादी के बाद ही शुरू हुआ था | जो अब भारत के द्वारा ठोस कार्रवाई के बाद ही शायद खत्म हो सकता है | इस संगठन का नेटवर्क दुनियाभर के आतंकवादी संगठन और अल-कायदा से भी बताया गया है |

लश्कर के बड़े हमले पर एक नज़र >>
• 22 मार्च, 1997 संग्रामपुरा के कश्मीरी पंडित- 7 मरे |
• जनवरी 1998 वनधामा के कश्मीरी पंडित-24 मरे |
• 22 दिसंबर, 2000 लाल किला तीन मरे ( जिनमें एक आतंकी था ) |
• 1 अक्टूबर, 2001 श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर विधानसभा-27 मरे |
• 13 दिसंबर, 2001 संसद पर हमला 12 मरे ( जिनमें पांच आतंकी थे ) |
• 21 मई, 2002 हुर्रियत नेता अब्दुल गनी लोन की हत्या |
• 13 जुलाई, 2003 श्रीनगर के कासिम नगर बाजार-27 मरे |
• 20 जूलाई, 2005 श्रीनगर कार बम धमाका- 4 सैनिक |
• 18 अक्टूबर, 2005 तब से राज्य शिक्षा मंत्री अब्दुल नबी लोन की हत्या |
• 3 मई, 2006 डोडा और ऊधमपूर के हिंदू- 35 मरे |
• 1 जून, 2006 नागपुर में संघ मुख्यालय पर हमले की कोशिश |
अंतत : 26 अक्टूबर, 2001 को लश्कर-ए-तैयबा पर प्रितिबंध लगया गया |

दूसरी नज़र में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया ( सिमी ) >>
• 25 अप्रैल, 1977 को अलीगढ़ में पड़ी बुनियाद |
• संस्थापक मोहम्मद अहमदुल्लाह सिद्दीकी, प्रोफेसर, वेस्टर्न इलिनॉएस यूनिवर्सिटी, इलिनॉएस |
• जमात-ए-इस्लामी हिंद की शाखा

मकसद >>
• इस्लाम के लिए जेहाद |
• संविधान की आलोचना |
• इस्लामी राज्य का सपना |
• बुत परस्ती और गैर-मुसलमानों के खिलाफ |
• संगठन के मुताबिक अल-कायदा और ओसामा बिन-लादेन मुजाहिदों की बेहतरीन मिसाल नेतृत्व |
• सफदर नागौरी के नेतृत्व में काम हो रहा है रिश्ते |
• पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की जमात-ए-इस्लामी |
• हिज्बुल मुजाहिदीन |
• आईएसआई |
• जैश-ए-मोहम्मद |
• लश्कर-ए-तैयबा

आधार >>
• उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार और प. बंगाल

सदस्य >>
• 400 कैडर...
• 20,000 साधारण सदस्य....
• 30 साल तक की उम्र के छात्र बन सकते हैं सदस्य |

हमले >> सीधे तौर से हमला नहीं, दूसरे संगठनों को दी जाती है मदद |

प्रतिबंध >> 27 सितंबर, 2001

रिपोर्ट साभार :- रमण भारती, पत्रकार

लव जिहाद और उसके कारण

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लव जिहाद – एक भयावह नकली प्यार से युवा हिंदू और गैर – मुस्लिम लड़कियों के लिए इस्लाम में धर्मांतरित करना

हिन्दू लड़की को अपने नकली प्यार मे फंसा कर धर्मांतरित करना ही इस जिहाद का मूल उद्देश्य है
नीचे एक सूची दी जा रही है जिसमे 2006 से 2009 तक के ऐसे केस की जानकारी दी गयी है ऐसी स्थितियाँ केरल और दक्षिण भारत मे ज्यादा पायी गईं हैं केरल की सरकार ने बकायदा इस पर अपने फैसले भी दे दिये हैं की अब ऐसे घटनाओं को रोकने मे सरकार भी मदद करेगी और हर हिन्दू परिवार की पूरी सहायता की जाएगी और इस जैसी घटनाओं की जांच सीआईडी द्वारा कराई जाएगी
ये जानकारी केरल की सरकार के द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गयी है और कुछ जानकारी स्थानीय पुलिस की सहायता से ली गयी है

जिला — घटनाएँ —पुलिस द्वारा पंजीकृत मामले — बचाई गयी लड़कियां
तिरुवनन्तपुरम — 216 — 26 – 6
कोल्लम —98 —34 — 7
अलाप्पुझा —78 —22 – 6
पथानमथीट्टा — 87 —36 — 11
इडुक्की —159 —18 — 9
कोट्टायम —116 —46 — 13
एरनाकुलम — 228 — 52 — 26
त्रिशूर — 102 — 41 — 19
पलक्कड़ — 111 —— 19 — 9
मलप्पुरम — 412 —89 — 31
कोझिकोड़े — 364 — 92 – 29
कन्नूर — 312 —106 —27
कसगोड़े —589 -- 123 —68

तालिका से पता चलता है कि इस तरह से परिवर्तित लड़कियों की संख्या 2876 थी. लेकिन केवल 705 मामले दर्ज किए गए. कासरगोड 568 का आंकड़ा साथ जिहादी रूपांतरण की सूची में सबसे ऊपर है. केवल 123 घटनाओं ने पुलिस के साथ पंजीकृत किया गया है. केंद्रीय जांच एजेंसियों को जानकारी है कि पूरे भारत में 4000 ऐसी लड़कियों के लिए जो लव- जिहाद के तहत बदल दिया गया है पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों द्वारा किए जा रहे हैं जेहादी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित प्राप्त किया है. आधिकारिक आँकड़ों का कहना है कि संदिग्ध परिस्थितियों के तहत केरल में हर रोज लगभग 8 लड़कियों को खोजने की शिकायत दर्ज कर रहे हैं और इस कारण उनकी बढ़ती चिंता और उन लड़कियों के माता पिता के डर के लिए है. कोच्चि केरल पुलिस की अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर, उन्नत लीगल स्टडीज के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में यह पाया गया कि केरल से लापता लड़कियों की संख्या 2007 और 2008 क्रमश 2530 और २१६७ था. कई लोगों का मानना है कि वास्तविक संख्या ज्यादा पंजीकृत संख्या की तुलना में अधिक हो सकता है. लव जिहादियों की गतिविधियों 2006 में केरल में और अधिक आक्रामक हो गयी। इसीलिए महिलाओं और युवा लड़कियों को केरल से गायब में अचानक वृद्धि हुई है. केरल कैथोलिक बिशप परिषद के अनुसार, केरल में ४५०० लड़कियों को लक्षित किया गया है, जबकि हिंदू जनजागृति समिति ने दावा किया कि 30,000 लड़कियों को कर्नाटक में अकेले बदल दिया गया है.
जेहादी Romeos को प्रेम जाल में अधिक से अधिक लड़कियों को फँसाने के अपने अभियान के अंतर्गत बाहर ले जाने के लिए विशेष रैंक, पुरस्कार, और पैसा दिया जाता है. जहांगीर रजाक, कोझीकोड लॉ कॉलेज, एक ऐसा जेहादी रोमियो के एक पूर्व छात्र ने 42 लड़कियों की अकेले ही फंसा लिया और उन सब को मिलाकर एक सेक्स रैकेट चलाने लगा चेन्नई मे सरकारी संस्थाओं को पता हैं की इस सेक्स रैकेट और आतंकवादी संगठनों के बीच कोई कड़ी है. पथानामथिट्टा से एक सहजन मलयालप्पुचा की पंचायत अनुसार एक लड़का 6 युवा लड़कियों को अपने झूँठे प्रेम मे फंसा ले गया
यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि राजशाही के दिनों के दौरान, मुसलमानों के एक मुस्लिम देश (दारुल इस्लाम) में केवल सैन्य विजय के द्वारा एक काफिर देश (दारुल हरब) बना सकता है. लेकिन आज लोकतंत्र उन्हें एक आसान रास्ता खोल दिया है और कि अधिक बच्चों procreating मदीना में पैगंबर मुहम्मद, लगभग 1400 साल पहले द्वारा प्रयोग किया जाता के रूप में अपनी तरह बढ़ रही है. इस जनसांख्यिकीय युद्ध में मुस्लिम गर्भ सबसे शक्तिशाली हथियार के रूप में उभरा है. तो, इस्लाम में एक गैर – मुस्लिम महिला का रूपांतरण बस एक मुस्लिम गर्भ और अधिक जिहादियों को जन्म देने में किया जाता है संक्षेप में, अभियान लव -जिहाद इस्लामी नकली प्यार में हिंदू और गैर – मुस्लिम लड़कियों का जाल, उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए और उपकरणों के रूप में उन्हें मुस्लिम वंश असर के लिए उपयोग के लिए मजबूर करने की योजना है
इस्लाम का अंतिम लक्ष्य एक दारुल – इस्लाम में पूरी दुनिया की को रूपांतरित करना है और इस लक्ष्य को पाने मे एक एक दारुल – इस्लाम में प्रत्येक और हर दारुल- हरब को रूपांतरित करके पहुँचा जा रहा है. जैसा कि ऊपर उल्लेख किया है, एक दारुल- हरब, वर्तमान लोकतांत्रिक सेटअप में, जनसांख्यिकीय शैली बदलकर या मुस्लिम आबादी द्वारा देशी जनसंख्या बढ़ाने के आधार पर एक दारुल- इस्लाम में बदला जा सकता है. यह जितनी जल्दी हो सके किया जाना चाहिए, और उनके गैर – मुस्लिम को मुस्लिम गर्भ में बदलने के की जरूरत है. प्रक्रिया दो आयामी लाभ है. सबसे पहले, यह मुस्लिम आबादी तेजी से और दूसरी प्रफुल्लित करने में मदद करता है, यह गैर मुसलमानों देशी आबादी की जनसंख्या वृद्धि अपंग है

लव जिहाद योजना का हर ढंग से:

हाल ही में कहा कि हिंदू जनजागृति समिति प्रकाशित एक पुस्तिका, लव जिहाद, रमेश हनुमंत शिंदे और मोहन अज्जु देवेगौड़ा आदि कि पुस्तिका में लेखक ने पूरी प्रक्रिया कैसे लव जिहाद एजेंडे संचालित किया जा रहा है उसपर चर्चा की है . बहुत शुरू में, यह उल्लेख किया जा सकता है कि भारत में सक्रिय मुस्लिम संगठनों को खाड़ी देशों से भारी पैसा प्राप्त करने के लिए लव जिहाद अभियान चलाने चाहिए. मुस्लिम रोमियो भारी सफलतापूर्वक इस seducing और गैर – मुस्लिम लड़कियों इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए पुरस्कृत कर रहे हैं.
इस्लाम के लिए उनकी सेवा के लिए प्रति दिन मुस्लिम Romeos लव जिहाद में लगे हुए, 200 रुपये / कमाते हैं. – प्रति दिन संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र, प्रभावशाली मुस्लिम मौलवियों एक फतवा है कि हर मुसलमान युवा, जो हिंदू या गैर – मुस्लिम लड़कियों प्यार जिहाद में फंसाने की कोशिश कर रहा है और उन्हें इस्लाम धर्म रुपये से सम्मानित किया जाएगा / 200 जारी किए गए हैं. जब एक ऐसी लड़की को बहकाया है, युवा एक दो व्हीलर दिया जाता है और जब वह उस बहकाया लड़की शादी करती है, वह अधिक 100.000 रुपये से 200,000 रुपये दिया जाता है. एक मुस्लिम संगठन, मुस्लिम यूथ फोरम नाम, हिंदू लड़कियों वर्गीकृत किया गया है, और मुस्लिम लड़का है जो एक हिंदू लड़की उससे शादी करने मे लिप्त है, खूबसूरत पुरस्कृत दिया जाता है. तालिका 2 (नीचे) वर्गीकरण और इनाम से पता चलता है.
लड़की की जाती —- ईनाम
1. सिख लड़की —– Rs 700,000
2. पंजाबी हिन्दू लड़की —— Rs 600,000
3. गुजराती ब्राह्मण लड़की —— Rs 600,000
4 ब्राह्मण लड़की —— Rs 500,000
5 क्षत्रिय लड़की —– Rs 450,000
6 कच्छ की गुजराती लड़की —– Rs 300,000
7 जैन/मारवाड़ी लड़की ——- Rs 300,000
8 पिछड़ी जनजाति की लड़की ——- Rs 200,000
9 बुद्ध लड़की ——– Rs 150,000

तालिका के ऊपर जाहिर तौर पर पता चलता है कि एक सिख लड़की को परिवर्तित करने का काम मुश्किल है, जबकि यह एक बौद्ध लड़की को परिवर्तित करना आसान है. जैसा कि ऊपर उल्लेख किया है, लव-जिहाद अभियान अरब देशों द्वारा वित्त पोषित है. एक सऊदी अरब स्थित संगठन, भारतीय भाईचारे के तहत भारत आता हैं पर ये सब काम हवाला द्वारा चलाया जाता है
हिंदू लड़कियों, जो गांवों से शहर के लिए चले गए वो आसान शिकार हो जाते हैं. इन गरीब लड़कियों को सामान्य रूप से महंगा कपड़े खरीदने के लिए शहर के जीवन से मेल खाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होता . “इन लड़कियों को विशेष रूप से लक्षित किया जाता हैं और पैसा दिया जाता है. उन्होंने यह भी धूम्रपान और शराब आदि पीने इन लड़कियों को, जो लव – जिहाद में लिप्त हैं ऐसे व्यसनों में लालच देते हैं , असहाय हो जाते हैं और जल्द ही अन्य हिंदू लड़कियों को लिप्त करने में सहायता करने के लिए शुरू, कर देते हैं – लेखक
हिंदू लड़कियों को फँसाने के तरीके:

1.स्कूलों और कॉलेजों से हिंदू लड़कियों को बुलाने का सबसे आम तरीका है स्कूलों और कॉलेजों के आसपास में दो पहिया वाहन पर आवारागर्दी करना. जैसा कि ऊपर उल्लेख किया है, जहांगीर रज्जाक, कोझीकोड लॉ कॉलेज के एक छात्र, इस पद्धति का उपयोग करने के लिए 42 हिंदू लड़कियों को प्रलोभित करने के लिए सफल रहा है.
2. मोबाइल फोन के लव जिहादियों लिए सबसे उपयोगी उपकरण के रूप में उभरा है. यह लड़कियों पर उपयोग किया जा रहा है, और भी कामकाजी महिलाओं के लिए स्कूल और कॉलेज के बुलाने के लिए प्रयोग किया जाता है. मुस्लिम लड़के मुस्लिम मोबाइल फोन ऑपरेटरों से युवा हिंदू और गैर – मुस्लिम लड़कियों के मोबाइल फोन नंबर इकट्ठा करते हैं एक बार एक मुस्लिम लड़के की एक हिंदू लड़की के मोबाइल फोन नंबर प्राप्त करने में कामयाब रहे, वह उसके मोबाइल फोन और उसे रात में संपर्कों पर एसएमएस भेजने शुरू होता है. कई मामलों में, मुस्लिम लड़कियों को भी लव – जिहाद में अपनी भूमिका निभाने की दोषी पायी गयी हैं
3.इस प्रारंभिक चरण के दौरान, मुस्लिम लड़के हिंदू नाम और हिंदू शिष्टाचार अपनाते हैं . इस संदर्भ में, सुश्री लीला मेनन, मलयालम दैनिक जन्मभूमि के संपादक कहते हैं, “हालांकि व्यक्तिगत रूप से लड़कियों के लिए जो लव जिहाद के कारण आत्महत्या कर ली घरों का दौरा करने पर एक बात पता चली, घरों मे एक आम बात है कि, उन सभी मामलों में लड़कियों प्राप्त किया था पाया अपने प्रेमी से एक मोबाइल फोन है. जब मैं एक पत्रकार के रूप में केरल में कई ऐसे मामलों का अध्ययन किया, मैं निष्कर्ष निकाला है कि मोबाइल फोन “लव जिहाद का एक और सबसे प्रभावी हथियार है.
4.भारत में केरल लव जिहाद का जन्म स्थान है , ईसाई लड़कियों को भी मुसलमानों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है. मुस्लिम यूथ फोरम भी एक रोमन कैथोलिक लड़की बदलने के लिए 400,000 रुपये का इनाम घोषित किया है. इनाम एक प्रोटेस्टेंट लड़की बदलने के लिए 300,000 रुपये है. केरल आर्कबिशप परिषद ने लव – जिहाद के मसले को को बहुत गंभीरता से ले लिया है. यह दिशा निर्देश प्रकाशित किया है प्यार जिहादियों का प्रयास हताश ईसाई लड़कियों को परिवर्तित ना कर पाये.
5.अब आए दिन, इंटरनेट का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है हिंदू और गैर – मुस्लिम लड़कियों का जाल. मुस्लिम ठग के करीब हो और Facebook या Orkut जैसे वेबसाइटों के माध्यम से हिंदू लड़कियों के साथ दोस्ती को विकसित करने का प्रयास किया जाता हैं.Shadi.com या Jeevansathi.com तरह वैवाहिक वेबसाइटों की मदद लेने के लिए हिंदू लड़कियों को शादी के जाल मे फंसाया जा रहा है
6. हालांकि मुसलमानों मे रचनात्मक खुफिया में कमी, के रूप में वे योजना बनाने में बुराई और षड़यंत्रपूर्ण या आपराधिक साजिश रचने में महान प्रतिभाएँ हैं. यह एक सच्चा लव जिहाद के जाल में हिंदू लड़कियों को जाल की खोज में परिलक्षित होता है. मान लीजिए कि एक हिंदू लड़की एक अकेली सड़क के माध्यम से गुजर रही है और तीन या चार मुस्लिम लड़के बैठे हुए हैं और उनमे से एक हिन्दू होने का नाटक करता है और बाकी के उस लड़की से छेड़छाड़ करते हैं तब वो नाटकी लड़का उस लड़की को बचाने का प्रयत्न करता हैं और बचा भी लेता है और इस घटना से उस लड़की के अंदर आकर्षण विकशित होना स्वाभाविक है और वे दोनों झूठे प्रेम मे फंस जाते हैं . जब लड़की पूरी तरह से फँस जाती है, तब वह उसे इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए एक मस्जिद के लिए ले जाता है. अहमदनगर महाराष्ट्र मे अकेले, लगभग 300 हिंदू लड़कियों फाँसा गया और इस विधि का उपयोग किया गया
तो अंत मे अपनी हिन्दू माँ बहनों से निवेदन हैं की आप लोग हमेशा सतर्क रहें और ऊपर लिखी हुई बातों को पूरे ध्यान मे रखें

मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम भारतीय सेना में क्यूँ नहीं है ?

______________________________
भारतीय सेना में सभी तरह के रेजिमेंट फ़ोर्स हैं ----
जैसे कि राजपुताना राईफल्स
राजपुताना रेजिमेंट
सिक्ख राईफल्स
सिक्ख रेजिमेंट
मराठा रेजिमेंट
गुजरात राइफल्स
जाट रेजिमेंट
इसी तरह के सभी राज्यों के आधार पर रेजिमेंट बनायें गए हैं और उस रेजिमेंट में वही सेना है जिस नाम से वो रेजिमेंट बनाया गया है

1965 में जब पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स को हमला करने के आदेश जारी किये उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स ने पाकिस्तान पर हमला करने से साफ़ मना कर दिया था और लगभग बीस हज़ार मुस्लिम सेना ने पाकिस्तान के सामने अपने हथियार दाल दिए थे जिस वजह से उस वक्त भारत को काफी मुश्किलों सामना करना पड़ा था क्यूँ कि मुस्लिम राईफल्स और मुस्लिम रेजिमेंट के ऊपर बहुत ज्यादा यकीन कर के इनको भेजा गया था.

लेकिन इसके बाद इन दोनों को हटा दिया गया उसके बाद 1971 में पाकिस्तान के साथ फिर युद्ध हुआ उस वक्त सेना में एक भी मुस्लिम नहीं था उस वक्त भारत ने पाकिस्तान के नब्बे हज़ार सेना के हथियार डलवा कर उनको बंदी बना लिया था और लिखित तौर पर आत्मसमर्पण करवाया था ।।तब से लेकर आज तक भारतीय सेना में मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम की कोई सेना नही है

मुस्लिम रेजिमेंट ने सन 65 मे पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ने से साफ़ इंकार कर दिया,.इस वजह से इनकी पूरी की पूरी रेजिमेंट पर ही बैन लगा दिया गया, और पूरे रेजिमेंट को ही खत्म कर दिया गया,
क्योंकि भारत की असली जंग तो हमेशा ही पाकिस्तान के साथ होती है, और फिर यदि जंग के अहम मौके पर आकर कोई रेजिमेंट जंग लड़ने से मना कर देगी फिर उसे रखने से क्या फायदा?
अब आप ही बताइए क्या देश भक्ति ऐसी होती है ????
फिर क्यों जब भी किसी मुस्लिम को आतंकवादी कहा जाता है तो सारे मुस्लिम समुदाय को बेचेनी होती है ?????
जन-जन तक पहुंचनी चाहिए ये बात ...........